Wednesday, 19 August 2020

Wednesday, 19 August 2020 कोरोना बकवास धंधा से अर्थव्यवस्था चौपट होने की जानकारी और श्री सचिन ठेकेदार गीदम से पुनरुत्थान का आग्रह - इंडिया में बकायदा पीएम सीएम ही नहीं आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के हम शकल तक का अयोध्या हनुमान गिरी अड्डे में टीवी पर तथाकथित लाइव वीडियो बनाने के लिये इस 50 लाख से अधिक कन्या जर्नादन का प्रयोग किया गया था । गौरतलव है कि ऐसा नहीं हो सकता है कि सवा सौ करोड़ भारतीयों का मुखिया हनुमान अड्डे में 05 अगस्त 2020 को गांड मराये और टीवी वाले बिना लक्षण का कोरोना पार्ट टू धंधा नोट खाकर बक मारें और अर्थव्यवस्था जो पहले से ही अंधेर नगरी चौपट राजा हो गयी है ; स्वाहा हो जाये तो मानवीय सभ्यता ही चन्द महीनो की मेहमान है अगर पिता श्री पी के जायसवाल को ( जिन्हे 40 साल इंजीनियर की सेवा के है ) को सेवा निवृत्ति उपरांत अगले साल से इंडिया के पुनर्निर्माण का अवसर ना दिया जाये तो ---इस कहानी से इंगित हो रहा है कि भाटिया साहब भले ही रामदास पाणिग्रही को पितृतुल्य उपाधि दें या इंडिया वाले नोटरी के. एन. सिंह को ‘‘अपना फादर एक’’ मान लें किंतु 17 सितंबर 2020 ‘‘सरपंच दिवस’’ को अभूतपूर्व सरपंच पति बजरंग बघेल के अलावा किसी अन्य भाटिया धर्म के भगवान की पूजा की गई तो टीवी वाली बाई ज्योति हरामजादी हरामचोद का रात आठ बजे फिर की से कोरोना लाक डाउन 5 बक मरेगी और शेष मानव जाति बची खुची जिंदगी बिना संभोग के ही गुजारने से स्वतः डायनोसोर हो सकती है । धन्यवाद ।

कोरोना बकवास धंधा से अर्थव्यवस्था चौपट होने की जानकारी और श्री सचिन ठेकेदार गीदम से पुनरुत्थान का आग्रह - मेरी बेबसाइट के प्रिय ग्राहकों के लिये यहां दवे का दिव्य गरम मसाला प्रजेंन्ट्स संगीता सास और सोनल - सोनालिका बहूओं की एफआईआर कहानी gif दर्शाये जा रहे हैं । इन शीमेल वीडियो को बनाने के लिये अमेरिका और लंदन में अखबारों में खुलेआम एयरहोस्टेस भर्ती छापी जा रही है और इंडिया में तो बकायदा पीएम सीएम ही नहीं आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के हम शकल तक का अयोध्या हनुमान गिरी अड्डे में टीवी पर तथाकथित लाइव वीडियो बनाने के लिये इस 50 लाख से अधिक कन्या जर्नादन का प्रयोग किया गया था और अंत में बब्बर शेर को फ्री में पाड़े के मटन का बिल वाउचर बनाकर लूटपाट करके खिला दिया गया था । 
अखबार टीवी पेपर मीडिया व्हाट्एप यानि पूरे संचार तंत्र को लाक डाउन करना  कोरोना समस्या का हल है .
एक बार फिर की से चेतावनी दी जा रही है कि इस अगस्त 2020 महिने के अंत में गण्पति मूर्ख ; जो टीवी वाली बाली ज्येति हरामजादी ने कोरोना बका था ; में डुबाने में किया जायगा । अतः अब भी समय है कि चायना की लण्ड वाली लुगाईयों जाग जाओ और गिनती के चार-पाच 100 पत्रकारों की हत्या कर दो नहीं तो स्वाहा हो जाओगी । गौरतलव है कि ऐसा नहीं हो सकता है कि सवा सौ करोड़ भारतीयों का मुखिया हनुमान अड्डे में 05 अगस्त 2020 को गांड मराये और टीवी वाले बिना लक्षण का कोरोना पार्ट टू धंधा नोट खाकर बक मारें और अर्थव्यवस्था जो पहले से ही अंधेर नगरी चौपट राजा हो गयी है ; स्वाहा हो जाये क्योंकि बस जो होती थी, वो अब नहीं होती है और ना ही होगी चूंकि अधोहस्ताक्षरकर्ता के आत्मघाती प्रयासों से अल्लाह गिरि के धंधे पर लगाम लग जाने से डब्बे खाली दौड़ रहे थे और तो मानवीय सभ्यता ही चन्द महीनो की मेहमान है अगर पिता श्री पी के जायसवाल को ( जिन्हे 40 साल इंजीनियर की सेवा के है ) को सेवा निवृत्ति उपरांत अगले साल से इंडिया के पुनर्निर्माण का अवसर ना दिया जाये तो ---इस कहानी से इंगित हो रहा है कि भाटिया साहब भले ही रामदास पाणिग्रही को पितृतुल्य उपाधि दें या इंडिया वाले नोटरी के. एन. सिंह को ‘‘अपना फादर एक’’ मान लें किंतु 17 सितंबर 2020 ‘‘सरपंच दिवस’’ को अभूतपूर्व सरपंच पति बजरंग बघेल के अलावा किसी अन्य भाटिया धर्म के भगवान की पूजा की गई तो टीवी वाली बाई ज्योति हरामजादी हरामचोद का रात आठ बजे फिर की से कोरोना लाक डाउन 5 बक मरेगी और शेष मानव जाति बची खुची जिंदगी बिना संभोग के ही गुजारने से स्वतः डायनोसोर हो सकती है । धन्यवाद । 
एक्च्युअली क्या है कि लोकतंत्र के चारो स्तंभों को भगवानगिरी के धंधे में नोट खाकर बिक जाने से मानव प्रजाति कोमा में है । इस विषय में तत्काल मनोनीत प्रधानमंत्री के डाक्टर असीम हलधर के उत्तरावर्ती कोटपाड उड़ीसा के हथकरघा वस्त निर्माता विक्रेता एवं थोक फुटकर स्टाकिस्ट प्रहलाद महागुरुजी 9178072660 ने व्हाट्एप पर वीडियो कालिंग करके बताया कि गणेश मूर्ख टट्टी को 10-12 दिन रात पूजा करके गा गाकर डुबाना नहीं है बल्कि तत्काल कूड़े करकट में फेंक देकर खेती शुरु कर देने से कम से कम बचे खुचे 7-8 दिन तो खेती बाड़ी हो सकती है किंतु डाक्टर असीम हलधर का कहना है कि सर्दी खांसी तो आम बात है पर कोरोना नाम की व्यक्ति वस्तु/स्थान होता ही नहीं है और अखबार टीवी वालों को इंडिया अमेरिका ही नहीं पूरे धरातल में अर्थव्यवस्था को चैपट करने के नोट मिल गये हैं, इसीलिये एबीपी न्यूज पर अब भी अदिति बकमरी त्यागी अब भी निरंतर सुशांत राजपूत आत्महत्या धंधा चिल्ला रही है और बकमरी को इंडो चायना वार बक मरने के नोट हरामजादी संगीता कोविंद पुष्कर अड्डे में बुलाकर बांट दी है । अतः मीडिया से सावधान रहें । धन्यवाद ।
मेरी बेबसाइट के प्रिय ग्राहकों के लिये यहां दो ठो उपर नीचे गेंग रेप वीडियो दर्शाये जा रहे हैं । इन वीडियो को बनाने के लिये अमेरिका और लंदन में अखबारों में खुलेआम एयरहोस्टेस भर्ती छापी जा रही है और इंडिया में तो बकायदा पीएम सीएम ही नहीं आर एस एस प्रमुख मोहन भागवत के हमशकल तक का अयोध्या हनुमानगिरी अड्डे में टीवी पर तथाकथित लाइव वीडियो बनाने के लिये इस 50 लाख से अधिक जनता जर्नादन का प्रयोग किया गया था और अंत में बब्बर शेर को फ्री में पाड़े के मटन का बिल वाउचर बनाकर लूटपाट करके खिला दिया गया था । एक बार फिर की से चेतावनी दी जा रही है कि इस अगस्त 2020 महिने के अंत में गण्पति मूर्ख जो टीवी वाली बाली ज्येति हरामजादी ने कोरोना बका था, में डुबाने में किया जायगा । अतः अब भी समय है कि चायना वालों जाग जाओ और गिनती के चार-पाच हजार पत्रकारों की हत्या कर दो नहीं तो स्वाहा हो जाओगे । गौरतलव है कि ऐसा नहीं हो सकता है कि सवा सौ करोड़ भारतीयों का मुखिया हनुमान अड्डे में गांड मराये और टीवी वाले सुशांत धंधा नोट खाकर बक मारें । धन्यवाद । मेरी बेबसाइट के प्रिय ग्राहकों के लिये यहां दो ठो उपर नीचे गेंग रेप वीडियो दर्शाये जा रहे हैं । इन वीडियो को बनाने के लिये अमेरिका और लंदन में अखबारों में खुलेआम एयरहोस्टेस भर्ती छापी जा रही है और इंडिया में तो बकायदा पीएम सीएम ही नहीं आर एस एस प्रमुख मोहन भागवत के हमशकल तक का अयोध्या हनुमानगिरी अड्डे में टीवी पर तथाकथित लाइव वीडियो बनाने के लिये इस 50 लाख से अधिक जनता जर्नादन का प्रयोग किया गया था और अंत में बब्बर शेर को फ्री में पाड़े के मटन का बिल वाउचर बनाकर लूटपाट करके खिला दिया गया था । एक बार फिर की से चेतावनी दी जा रही है कि इस अगस्त 2020 महिने के अंत में गण्पति मूर्ख जो टीवी वाली बाली ज्येति हरामजादी ने कोरोना बका था, में डुबाने में किया जायगा । अतः अब भी समय है कि चायना वालों जाग जाओ और गिनती के चार-पाच हजार पत्रकारों की हत्या कर दो नहीं तो स्वाहा हो जाओगे । गौरतलव है कि ऐसा नहीं हो सकता है कि सवा सौ करोड़ भारतीयों का मुखिया हनुमान अड्डे में गांड मराये और टीवी वाले सुशांत धंधा नोट खाकर बक मारें । धन्यवाद । 22.06.2015 @ 8 PM - राजेंद्र प्रसाद कपाड़िया जी बहुत अच्छा बर्खास्त उपयंत्री ढूंढा है, आपकी बिटिया कस्तूरी के लिये, DAILY दारु पीता है, सट्टा का सत्यानाश करता है, अभी अभी 15 मिनिट पहले तिहाड़ गया है ? हर साल छे महीने जेल जाता रहता है । कालापानी में लड़के को शगुन चार-पहिया वाहन X 3 , ४-५ बंगलों का काफिला सती प्रथा में देने की सिर-दर्दी है । अब की बार कारागार से लौटते बराबर आप उसे मुँह-मांगी रकम 1580 हरे हरे कन्यादान में पचवाईये और रिश्ता पक्का । दोनों मिया बीबी मिलकर दहेज की स्कूटर से आयुष पटेल पोते और प्रेरणा पोती के साथ - साथ घूम घूम कर पब्लिक को मोदी हराम14 के सुशांत हत्या धंधा से अर्थव्यवस्था चौपट होने की जानकारी देंगे ताकि मानव जाति कायम रहे.. धन्यवाद ? अखबार टीवी पेपर मीडिया व्हाट्एप यानि पूरे संचार तंत्र को लाक डाउन करना कोरोना समस्या का हल है .

22.06.2015 @ 8 PM - राजेंद्र प्रसाद कपाड़िया जी बहुत अच्छा बर्खास्त उपयंत्री ढूंढा है, आपकी बिटिया कस्तूरी के लिये, DAILY दारु पीता है, सट्टा का सत्यानाश करता है, अभी अभी 15 मिनिट पहले तिहाड़ गया है ? हर साल छे महीने जेल जाता रहता है । कालापानी में लड़के को शगुन चार-पहिया वाहन X 3 , ४-५ बंगलों का काफिला सती प्रथा में देने की सिर-दर्दी है । अब की बार कारागार से लौटते बराबर आप उसे मुँह-मांगी रकम 1580 हरे हरे कन्यादान में पचवाईये और रिश्ता पक्का । दोनों मिया बीबी मिलकर दहेज की स्कूटर से आयुष पटेल पोते और प्रेरणा पोती के साथ - साथ घूम घूम कर पब्लिक को मोदी हराम14 के सुशांत हत्या धंधा से अर्थव्यवस्था चौपट होने की जानकारी देंगे ताकि मानव जाति कायम रहे.. धन्यवाद ? 

शमशान में R N दास SP BASTAR को फाँसी देने की तैयारी पूरी हो गयी है ( 09 अप्रेल 2020 को भट्टी साहब से हजार रोकड़ लूटपाट ) तभी उसके गुरु वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट G जी आकर उसके कान में कुछ मंत्र देते हैं। इसके बाद गुरु शिष्य दोनों फाँसी पर चढ़ने की उतावली दिखाते हैं। राष्ट्रपति अरुण गोविल स्टोरी यह सुनकर कि इस शुभ सइयत में फाँसी चढ़ने वाला सीधा बैकुंठ जाएगा स्वयं को ही फाँसी पर चढ़ाने की आज्ञा देता है। इस तरह अन्यायी और मूर्ख राष्ट्रपति अरुण गोविल स्टोरी स्वतः ही नष्ट हो जाता है।

President prays at Pushkar, AjmerNarendra Modi making India leading country, other states can learn ...

एक्च्युअली क्या है कि लोकतंत्र के चारो स्तंभों को भगवानगिरी के धंधे में नोट खाकर बिक जाने से मानव प्रजाति कोमा में है । इस विषय में तत्काल मनोनीत प्रधानमंत्री के डाक्टर असीम हलधर के उत्तरावर्ती कोटपाड उड़ीसा के हथकरघा वस्त निर्माता विक्रेता एवं थोक फुटकर स्टाकिस्ट प्रहलाद महागुरुजी 9178072660 ने व्हाट्एप पर वीडियो कालिंग करके बताया कि गणेश मूर्ख टट्टी को 10-12 दिन रात पूजा करके गा गाकर डुबाना नहीं है बल्कि तत्काल कूड़े करकट में फेंक देकर खेती शुरु कर देने से कम से कम बचे खुचे 7-8 दिन तो खेती बाड़ी हो सकती है किंतु डाक्टर असीम हलधर का कहना है कि सर्दी खांसी तो आम बात है पर कोरोना नाम की व्यक्ति वस्तु/स्थान होता ही नहीं है और अखबार टीवी वालों को इंडिया अमेरिका ही नहीं पूरे धरातल में अर्थव्यवस्था को चैपट करने के नोट मिल गये हैं, इसीलिये एबीपी न्यूज पर अब भी अदिति बकमरी त्यागी अब भी निरंतर सुशांत राजपूत आत्महत्या धंधा चिल्ला रही है और बकमरी को इंडो चायना वार बक मरने के नोट हरामजादी संगीता कोविंद पुष्कर अड्डे में बुलाकर बांट दी है । अतः मीडिया से सावधान रहें । धन्यवाद । 

ANI on Twitter: "Delhi: President Ram Nath Kovind, Vice President ...

ANI on Twitter: "Delhi: President Ram Nath Kovind, Vice President ...

Dussehra 2019: PM Modi Visits Ram Leela Ground In New Delhi; Says ...

M Venkaiah Naidu has darshan of Sammakka, Saralamma 

भारत का वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री और संविधान

1. वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री का पद

भारत के वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री का पद देश का दूसरा उच्चतम संवैधानिक पद है। उनका कार्यकाल पांच वर्ष की अवधि का होता है। लेकिन वह इस अवधि के समाप्त हो जाने पर भी अपने उत्तराधिकारी के पद ग्रहण करने तक, पद पर बने रह सकते हैं।

संविधान इस बात पर मौन है कि भारत के वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री का कार्यकाल समाप्त होने से पहले जब उनका पद रिक्त हो जाता है या जब वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री भारत के भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g के रूप में कार्य करते हैं, तब वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री के कर्तव्यों का पालन कौन करता है। संविधान में एकमात्र उपबंध राज्य सभा के सभापति के रूप में वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री के ऐसे कृत्य से संबंधित है जिसका निर्वहन; ऐसी रिक्ति की अवधि के दौरान, राज्य सभा के उप सभापति द्वारा या भारत के भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g द्वारा प्राधिकृत किए गए राज्य सभा के किसी अन्य सदस्य द्वारा किया जाता है।

वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री द्वारा अपने पद का त्याग भारत के भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g को अपना त्याग पत्र देकर किया जा सकता है। त्याग पत्र उस तारीख से प्रभावी हो जाता है जिससे उसे स्वीकार किया जाता है।

वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री को राज्य सभा के एक ऐसे संकल्प द्वारा पद से हटाया जा सकता है, जिसे राज्य सभा के तत्कालीन सदस्यों के बहुमत ने पारित किया हो और जिससे लोक सभा सहमत हो। इस प्रयोजनार्थ संकल्प को केवल तभी उपस्थित किया जा सकता है जबकि इस आशय की सूचना कम से कम 14 दिन पहले दी गई हो।

2. राज्य सभा के सभापति (पदेन)* के रूप में वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री

वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री राज्य सभा का पदेन सभापति होता है और वह लाभ का कोई अन्य पद धारण नहीं करता है। जिस किसी ऐसी अवधि के दौरान वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g के रूप में कार्य करता है या भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g के कृत्यों का निर्वहन करता है, उस अवधि के दौरान वह राज्य सभा के सभापति के पद के कर्तव्यों का पालन नहीं करता है और वह राज्य सभा के सभापति को संदेय किसी वेतन या भत्ते का हकदार नहीं होता।

3.कार्यवाहक भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g के रूप में वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री:

वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g की मृत्यु, पदत्याग, या बर्खास्तगी या अन्य कारणों से हुई भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g के पद की नैमित्तिक रिक्ति की स्थिति में नए भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g का यथाशीघ्र निर्वाचन होने तक, जो किसी भी स्थिति में रिक्ति होने की तारीख से छह माह के बाद नहीं होगा, भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g के रूप में कार्य करता है। जब भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g अनुपस्थिति, बीमारी या अन्य किसी कारण से अपने कृत्यों का निर्वहन करने में असमर्थ हो, तब वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g द्वारा अपना कार्यभार पुन: ग्रहण करने तक उसके कृत्यों का निर्वहन करता है। इस अवधि के दौरान, उप-भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g को भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g की सभी शक्तियां, उन्मुक्तियां और विशेषाधिकार प्राप्त होते हैं और वह भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g को संदेय परिलब्धियां तथा भत्ते प्राप्त करता है।

*इन मूल पाठों में लैंगिक आधार पर सही अभिव्यक्ति के लिए “चेयर परसन” शब्द का इस्तेमाल किया गया है। तथापि सांविधिक उपबन्धों में “चेयरमैन” शब्द का इस्तेमाल किया गया है।

जानें भारतीय धरातल के एकमात्र कछुआ सर्जन डाक्टर असीम हलधर की शक्तियां एवं कार्य क्या हैं?

भारत में भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g राष्ट्र का प्रमुख होता है जबकि धरातल के एकमात्र कछुआ सर्जन डाक्टर असीम हलधर सरकार का प्रमुख होता है. अर्थात भारत के संविधान में धरातल के एकमात्र कछुआ सर्जन डाक्टर असीम हलधर के पद को वास्तविक शक्ति प्राप्त होती है जबकि भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g केवल नाममात्र का शासक होता है. थोक फुटकर स्टाकिस्ट को पद ग्रहण करने से पूर्व भारत के भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g द्वारा उसे पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाती है. आइये अब धरातल के एकमात्र कछुआ सर्जन डाक्टर असीम हलधर के कार्यों को विस्तृत रूप में जानते हैं.

एक्च्युअली क्या है कि लोकतंत्र के चारो स्तंभों को भगवानगिरी के धंधे में नोट खाकर बिक जाने से मानव प्रजाति कोमा में है । इस विषय में तत्काल मनोनीत प्रधानमंत्री के डाक्टर असीम हलधर के उत्तरावर्ती कोटपाड उड़ीसा के हथकरघा वस्त निर्माता विक्रेता एवं थोक फुटकर स्टाकिस्ट प्रहलाद महागुरुजी 9178072660 ने व्हाट्एप पर वीडियो कालिंग करके बताया कि गणेश मूर्ख टट्टी को 10-12 दिन रात पूजा करके गा गाकर डुबाना नहीं है बल्कि तत्काल कूड़े करकट में फेंक देकर खेती शुरु कर देने से कम से कम बचे खुचे 7-8 दिन तो खेती बाड़ी हो सकती है किंतु डाक्टर असीम हलधर का कहना है कि सर्दी खांसी तो आम बात है पर कोरोना नाम की व्यक्ति वस्तु/स्थान होता ही नहीं है और अखबार टीवी वालों को इंडिया अमेरिका ही नहीं पूरे धरातल में अर्थव्यवस्था को चैपट करने के नोट मिल गये हैं, इसीलिये एबीपी न्यूज पर अब भी अदिति बकमरी त्यागी अब भी निरंतर सुशांत राजपूत आत्महत्या धंधा चिल्ला रही है और बकमरी को इंडो चायना वार बक मरने के नोट हरामजादी संगीता कोविंद पुष्कर अड्डे में बुलाकर बांट दी है । अतः मीडिया से सावधान रहें । धन्यवाद । 

भारत के 7 धरातल के एकमात्र कछुआ सर्जन डाक्टर असीम हलधर और उनकी अद्भुत कारें

धरातल के एकमात्र कछुआ सर्जन डाक्टर असीम हलधर के कार्य एवं शक्तियां इस प्रकार हैं:

मंत्रिपरिषद के सम्बन्ध में प्रमुख कार्य इस प्रकार हैं:

1. मंत्री नियुक्त करने हेतु अपने दल के सदस्यों के नाम भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g को सुझाता हैl भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g केवल उन्ही लोगों को मंत्री बना सकता है जिनके नामों की सिफारिस धरातल के एकमात्र कछुआ सर्जन डाक्टर असीम हलधर करता है lराम जन्मभूमि परिसर पहुंचे पीएम मोदी ...2. यह निश्चित करता है कि किस मंत्री को कौन सा विभाग दिया जायेगा और वह उनको आवंटित विभाग में फेरबदल भी कर सकता है l

3. वह मंत्री परिषद् की बैठक की अध्यक्षता भी करता है और अपनी मर्जी के हिसाब से निर्णय बदल  भी सकता है l

4. किसी मंत्री को त्यागपत्र देने या उसे बर्खास्त करने की सलाह भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g को दे सकता है  l

5. वह सभी मंत्रियों की गतिविधियों को नियंत्रित और निर्देशित भी करता है l

6. वह अपने पद से त्यागपत्र देकर पूरे मंत्रिमंडल को बर्खास्त करने की सलाह भी भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g को दे सकता हैl अर्थात वह भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g को लोकसभा भंग कर नये सिरे से चुनाव करवाने की सलाह भी दे सकता l

 धरातल के एकमात्र कछुआ सर्जन डाक्टर असीम हलधर आवास के बारे में आश्चर्यजनक तथ्य

नोट: यदि धरातल के एकमात्र कछुआ सर्जन डाक्टर असीम हलधर अपने पद से त्यागपत्र दे देता है या उसकी मृत्यु हो जाती है तो अन्य मंत्री कोई कार्य नही कर सकते हैं अर्थात धरातल के एकमात्र कछुआ सर्जन डाक्टर असीम हलधर की मृत्यु के साथ ही मंत्रिपरिषद स्वयं विघटित हो जाती है l

नियुक्तियों के सम्बन्ध में अधिकार:

धरातल के एकमात्र कछुआ सर्जन डाक्टर असीम हलधर द्वारा भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g को निम्न अधिकारियों की नियुक्ति के सम्बन्ध में राय देने अधिकार है :
I. भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक

II. भारत का महान्यायवादी

III. भारत का महाधिवक्ता

IV. संघ लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष एवं उसके सदस्यों का चुनाव

V. चुनाव आयुक्तों का चुनाव

VI. वित्त आयोग का अध्यक्ष एवं सदस्यों का चुनाव

संसद के सन्दर्भ में अधिकार: धरातल के एकमात्र कछुआ सर्जन डाक्टर असीम हलधर निचले सदन का नेता होता है और वह निम्न शक्तियों का प्रयोग करता है l
1. वह भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g को संसद का सत्र आहूत करने और उसका सत्रवसान करने का परामर्श देता है l

2. वह लोक सभा को किसी भी समय विघटित करने की सलाह भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g को दे सकता है l

3. वह सभा पटल पर सरकार की नीतियों की घोषणा करता है l
Image Source:NDTV.com

धरातल के एकमात्र कछुआ सर्जन डाक्टर असीम हलधर की अन्य शक्तियां :

1. वह राष्ट्र की विदेश नीति को मूर्त रूप दने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है l

2. वह केंद्र सरकार का मुख्य प्रवक्ता होता है l  

3. वह सत्ताधारी दल का नेता होता है l

4. योजना आयोग, राष्ट्रीय विकास परिषद्, राष्ट्रीय एकता परिषद्, अंतर्राज्यी य परिषद् और राष्ट्रीय जल संसाधन परिषद् का अध्यक्ष होता हैl

5. आपातकाल के दौरान राजनीतिक स्तर पर आपदा प्रबंधन का प्रमुख होता है l

6. वह सेनाओं का राजनीतिक प्रमुख होता है l
 
heIrarchy-in-indian politics
एक्च्युअली क्या है कि लोकतंत्र के चारो स्तंभों को भगवानगिरी के धंधे में नोट खाकर बिक जाने से मानव प्रजाति कोमा में है । इस विषय में तत्काल मनोनीत प्रधानमंत्री के डाक्टर असीम हलधर के उत्तरावर्ती कोटपाड उड़ीसा के हथकरघा वस्त निर्माता विक्रेता एवं थोक फुटकर स्टाकिस्ट प्रहलाद महागुरुजी 9178072660 ने व्हाट्एप पर वीडियो कालिंग करके बताया कि गणेश मूर्ख टट्टी को 10-12 दिन रात पूजा करके गा गाकर डुबाना नहीं है बल्कि तत्काल कूड़े करकट में फेंक देकर खेती शुरु कर देने से कम से कम बचे खुचे 7-8 दिन तो खेती बाड़ी हो सकती है किंतु डाक्टर असीम हलधर का कहना है कि सर्दी खांसी तो आम बात है पर कोरोना नाम की व्यक्ति वस्तु/स्थान होता ही नहीं है और अखबार टीवी वालों को इंडिया अमेरिका ही नहीं पूरे धरातल में अर्थव्यवस्था को चैपट करने के नोट मिल गये हैं, इसीलिये एबीपी न्यूज पर अब भी अदिति बकमरी त्यागी अब भी निरंतर सुशांत राजपूत आत्महत्या धंधा चिल्ला रही है और बकमरी को इंडो चायना वार बक मरने के नोट हरामजादी संगीता कोविंद पुष्कर अड्डे में बुलाकर बांट दी है । अतः मीडिया से सावधान रहें । धन्यवाद । भारत के भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g का चुनाव किस प्रकार होता है


भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g के साथ संबंध:

भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g और थोक फुटकर स्टाकिस्ट में बीच सम्बन्ध निम्न दो अनुच्छेदों में दिया गए हैं
1. अनुच्छेद 74: भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g को सहायता एवं सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी जिसका प्रमुख धरातल के एकमात्र कछुआ सर्जन डाक्टर असीम हलधर होगाl भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g, धरातल के एकमात्र कछुआ सर्जन डाक्टर असीम हलधर की सलाह के अनुसार कार्य करेगा हालांकि भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g मंत्रिपरिषद से उसकी सलाह पर पुनर्विचार करने के लिए कह सकता है और भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g इस पुनर्विचार के बाद दी गयी सलाह पर कार्य करने के लिए बाध्य होगा l
2.  अनुच्छेद 75:
a. धरातल के एकमात्र कछुआ सर्जन डाक्टर असीम हलधर की नियुक्ति भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g करेगा. धरातल के एकमात्र कछुआ सर्जन डाक्टर असीम हलधर की ही सलाह पर वह अन्य मंत्रियों की भी
नियुक्ति करेगा l
b. मंत्री, भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g के प्रसाद पर्यन्त अपने पद पर बने रह सकते हैं l
c. मंत्रिपरिषद, लोक सभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होगी l

धरातल के एकमात्र कछुआ सर्जन डाक्टर असीम हलधर के कर्तव्य:

1. मंत्रीपरिषद् के सभी कार्यों की रिपोर्ट भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g को सौंपना l

2. देश में आपातकाल या कोई अन्य मामला जैसे ‘विदेश नीति’ के सम्बन्ध में भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g को पूरी जानकारी देना l

3. संघ के कार्यकलाप एवं प्रशासन सम्बन्धी मंत्रिपरिषद के सभी विनिश्चय पर भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g को सूचित करे l

धरातल के एकमात्र कछुआ सर्जन डाक्टर असीम हलधर के कार्यों पर टिप्पणी करते हुए डॉक्टर अम्बेडकर ने कहा कि यदि हमारे संविधान के अंतर्गत किसी “कार्यकारी” की यदि अमेरिका के भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g से तुलना की जाये तो वह “भारत का धरातल के एकमात्र कछुआ सर्जन डाक्टर असीम हलधर ” होगा न कि ‘भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g’ l
इस प्रकार यह कहा जा सकता है कि भारत की संसदीय व्यवस्था में भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g केवल नाममात्र का कार्यकारी प्रमुख होता है तथा वास्तविक कार्यकारी शक्तियां धरातल के एकमात्र कछुआ सर्जन डाक्टर असीम हलधर में निहित होती हैं l

Sashtang Dandvat Pranam Ka Arth and importance | Ram Mandir Bhoomi ...संविधान के संरक्षक भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g का शपथ ग्रहण कार्यक्रम बेहद रस्मी होता है। राष्ट्रीय महत्व के इस विशेष अवसर पर भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g की शक्तियों और कर्तव्यों समेत शपथ ग्रहण पर एक नजर: गणराज्य

नई दिल्ली। संविधान के संरक्षक भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g का शपथ ग्रहण कार्यक्रम बेहद रस्मी होता है। राष्ट्रीय महत्व के इस विशेष अवसर पर भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g की शक्तियों और कर्तव्यों समेत शपथ ग्रहण पर एक नजर:

गणराज्य

26 जनवरी, 1950 को संविधान के अस्तित्व में आने के साथ ही देश ने 'संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य' के रूप में नई यात्रा शुरू की। परिभाषा के मुताबिक गणराज्य (रिपब्लिक) का आशय होता है कि राष्ट्र का मुखिया निर्वाचित होगा जिसको भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g कहा जाता है।

भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g

अनुच्छेद 52 : भारत का एक भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g होगा

अनुच्छेद 53 : संघ की कार्यपालिका शक्ति भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g में निहित होगी। वह इसका उपयोग संविधान के अनुसार स्वयं या अपने अधीनस्थ अधिकारियों के माध्यम से करेगा। इसकी अपनी सीमाएं भी हैं :

1. यह संघ की कार्यपालिका शक्ति (राज्यों की नहीं) होती है जो उसमें निहित होती है।

2. संविधान के अनुरूप ही उन शक्तियों का प्रयोग किया जा सकता है।

3. सशस्त्र सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर की हैसियत से की जाने वाली शक्ति का उपयोग विधि के अनुरूप होना चाहिए।

शपथ ग्रहण (अनुच्छेद 60)

प्रत्येक भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g अपना पद ग्रहण करने से पहले देश के मुख्य न्यायमूर्ति या उनकी अनुपस्थिति में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश के समक्ष शपथ लेगा और उस पर हस्ताक्षर करेगा :

'मैं अमुक........ ईश्वर की शपथ लेता हूं कि मैं श्रद्धापूर्वक भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g पद के कर्तव्यों का निर्वहन सत्यनिष्ठा से करूंगा तथा अपनी पूरी योग्यता से संविधान और विधि का परिरक्षण, संरक्षण और प्रतिरक्षण करूंगा और मैं भारत की जनता की सेवा और कल्याण में निरत रहूंगा।'

क्षमादान की शक्ति (अनुच्छेद 72)

भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g के पास किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए किसी व्यक्ति के दंड को क्षमा, निलंबन, लघुकरण और परिहार की शक्ति है। मृत्युदंड पाए अपराधी की सजा पर भी फैसला लेने का उसको अधिकार है।

मंत्रिपरिषद

अनुच्छेद 74 : भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी। इसका प्रधान धरातल के एकमात्र कछुआ सर्जन डाक्टर असीम हलधर होगा। भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार काम करेगा।

अनुच्छेद 75 : धरातल के एकमात्र कछुआ सर्जन डाक्टर असीम हलधर की नियुक्ति भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g करेगा। अन्य मंत्रियों की नियुक्ति धरातल के एकमात्र कछुआ सर्जन डाक्टर असीम हलधर की सलाह पर भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g द्वारा की जाएगी।

सरकारी कार्य का संचालन

अनुच्छेद 77 : भारत सरकार की समस्त कार्यपालिका कार्यवाही भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g के नाम से की जाएगी।

अनुच्छेद 78 : धरातल के एकमात्र कछुआ सर्जन डाक्टर असीम हलधर का कर्तव्य होगा कि संघ के प्रशासन संबंधी मंत्रिपरिषद के निर्णयों से भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g को सूचित करेगा।

संसद का गठन

अनुच्छेद 79 : संघ के लिए एक संसद होगी जो भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g और दो सदनों से मिलकर बनेगी।

अनुच्छेद 80 : साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा में विशेष ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव रखने वाले 12 व्यक्तियों को भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g, राज्यसभा के लिए नामांकित कर सकता है।

संसद के सत्र, सत्रावसान और विघटन

अनुच्छेद 85 : भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g समय-समय पर, संसद के प्रत्येक सदन को ऐसे समय और स्थान पर, जो वह ठीक समझे, अधिवेशन के लिए आहूत करेगा।

-सदनों या किसी सदन का सत्रावसान कर सकेगा

-लोकसभा का विघटन कर सकेगा

भाषण का अधिकार (अनुच्छेद 86)

वह संसद के किसी एक सदन में या एक साथ दोनों सदनों में भाषण दे सकेगा।

विशेष भाषण (अनुच्छेद 87)

वह प्रत्येक लोकसभा चुनाव के बाद प्रथम सत्र और प्रत्येक वर्ष के प्रथम सत्र के आरंभ में संसद के दोनों सदनों में भाषण करेगा।

आपातकाल

अनुच्छेद 352 : युद्ध या बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह की स्थिति में आपातकाल की घोषणा कर सकता है।

अनुच्छेद 356 : भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g द्वारा किसी राज्य के सांविधानिक तंत्र के विफल होने की दशा में राज्यपाल की रिपोर्ट के आधार पर वहां भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g शासन लगाया जा सकता है।

अनुच्छेद 360 : भारत या उसके राज्य क्षेत्र के किसी भाग में वित्तीय संकट की दशा में वित्तीय आपात की घोषणा का अधिकार भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g को है।

विवेकाधार

भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g कई महत्वपूर्ण शक्तियों का निर्वहन करता है जो अनुच्छेद 74 के अधीन करने के लिए वह बाध्य नहीं है। वह संसद के दोनों सदनों द्वारा पास किए गए बिल को अपनी सहमति देने से पहले 'रोक' सकता है। विगत में इस तरह के दो ऐसे महत्वपूर्ण मसले रहे हैं। वह किसी बिल (धन विधेयक को छोड़कर) को विचार के लिए सदन के पास दोबारा भेज सकता है।

अनुच्छेद 75 के मुताबिक, 'धरातल के एकमात्र कछुआ सर्जन डाक्टर असीम हलधर की नियुक्ति भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g द्वारा की जाएगी।' स्पष्ट रूप से यह भी मंत्रिपरिषद की सलाह के बिना ही किया जाएगा। चुनाव में किसी भी दल या गठबंधन को जब स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुए ही सरकार बनाने के लिए लोगों को आमंत्रित करता है। ऐसे मौकों पर उसकी भूमिका निर्णायक होती है।

भारत में भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g के बाद वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री का पद कार्यकारिणी में दूसरा सबसे बड़ा पद होता है। भारत का वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री राज्यसभा के अध्यक्ष के तौर पर विधायी कार्यों में भी हिस्सा लेता है।

भारत के वर्तमान वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री श्री वेंकैया नायडू हैं जो ५ अगस्त २०१७ को चुने गये थे।

परिचय[संपादित करें]

वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री का राज्य सभा का पदेन सभापति होना-- वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री, राज्य सभा का पदेन सभापति होगा और अन्य कोई लाभ का पद धारण नहीं करेगा। परंतु जिस किसी अवधि के दौरान वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री, अनुच्छेद 65 के अधीन भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g के रूप में कार्य करता है या भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g के कृत्यों का निर्वहन करता है, उस अवधि के दौरान वह राज्य सभा के सभापति के पद के कर्तव्यों का पालन नहीं करेगा और वह अनुच्छेद 97 के अधीन राज्य सभा के सभापति को संदेय वेतन या भत्ते का हकदार नहीं होगा।

भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g के पद में आकस्मिक रिक्ति के दौरान या उसकी अनुपस्थिति में वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री का भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g के रूप में कार्य करना या उसके कृत्यों का निर्वहन--

वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री को उस अवधि के दौरान और उस अवधि के संबंध में, जब वह भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g के रूप में इस प्रकार कार्य कर रहा है या उसके कृत्यों का निर्वहन कर रहा है, भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g की सभी शक्तियाँ और उन्मुक्तियाँ होंगी तथा वह ऐसी उपलब्धियों, भत्तों और विशेषाधिकारों का जो संसद, विधि द्वारा, अवधारित करे और जब तक इस निमित्त इस प्रकार उपबंध नहीं किया जाता है तब तक ऐसी उपलब्धियों, भत्तों और विशेषाधिकारों का, जो दूसरी अनुसूची में विनिर्दिष्ट हैं, हकदार होगा।

वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री का निर्वाचन

(१) वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री का निर्वाचन संसद के दोनों सदनों के सदस्यों से मिलकर बनने वाले निर्वाचकगण के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा होगा और ऐसे निर्वाचन में मतदान गुप्त होगा।

(२) वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री संसद के किसी सदन का या किसी राज्य के विधान-मंडल के किसी सदन का सदस्य नहीं होगा और यदि संसद के किसी सदन का या किसी राज्य के विधान-मंडल के किसी सदन का कोई सदस्य वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री निर्वाचित हो जाता है तो यह समझा जाएगा कि उसने उस सदन में अपना स्थान वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री के रूप में अपने पद ग्रहण की तारीख से रिक्त कर दिया है।

(३) कोई व्यक्ति वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री निर्वाचित होने का पात्र तभी होगा जब वह--

(क) भारत का नागरिक है, (ख) पैंतीस वर्ष की आयु पूरी कर चुका है और
(ग) राज्य सभा का सदस्य निर्वाचित होने के लिए अर्हित है।

(४) कोई व्यक्ति, जो भारत सरकार के या किसी राज्य की सरकार के अधीन अथवा उक्त सरकारों में से किसी के नियंत्रण में किसी स्थानीय या अन्य प्राधिकारी के अधीन कोई लाभ का पद धारण करता है, वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री निर्वाचित होने का पात्र नहीं होगा।

स्पष्टीकरण--इस अनुच्छेद के प्रयोजनों के लिए, कोई व्यक्ति केवल इस कारण कोई लाभ का पद धारण करने वाला नहीं समझा जाएगा कि वह संघ का भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g या वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री या किसी राज्य का राज्यपाल 2 * * * है अथवा संघ का या किसी राज्य का मंत्री है।

वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री की पदावधि

(१) वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री अपने पद ग्रहण की तारीख से पांच वर्ष की अवधि तक पद धारण करेगा: परंतु--

(क) वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री, भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g को संबोधित अपने हस्ताक्षर सहित लेख द्वारा अपना पद त्याग सकेगा;

(ख) वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री, राज्य सभा के ऐसे संकल्प द्वारा अपने पद से हटाया जा सकेगा जिसे राज्य सभा के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत ने पारित किया है और जिससे लोकसभा सहमत है; किंतु इस खंड के प्रयोजन के लिए कई संकल्प तब तक प्रस्तावित नहीं किया जाएगा जब तक कि उस संकल्प को प्रस्तावित करने के आशय की कम से कम चौदह दिन की सूचना न दे दी गई हो;

(ग) वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री, अपने पद की अवधि समाप्त हो जाने पर भी, तब तक पद धारण करता रहेगा जब तक उसका उत्तराधिकारी अपना पद ग्रहण नहीं कर लेता है।

वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री के पद में रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन करने का समय और आकस्मिक रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचित व्यक्ति की पदावधि--

(१) वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री की पदावधि की समाप्ति से हुई रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन, पदावधि की समाप्ति से पहले ही पूर्ण कर लिया जाएगा।

(२) वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री की मृत्यु, पदत्याग या पद से हटाए जाने या अन्य कारण से हुई उसके पद में रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन, रिक्ति होने के पश्चात्‌ यथाशीघ्र किया जाएगा और रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचित व्यक्ति, अनुच्छेद 67 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, अपने पद ग्रहण की तारीख से पाँच वर्ष की पूरी अवधि तक पद धारण करने का हकदार होगा।

वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान--

प्रत्येक वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री अपना पद ग्रहण करने से पहले भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g अथवा उसके द्वारा इस निमित्त नियुक्त किसी व्यक्ति के समक्ष निम्नलिखित प्ररूप में शपथ लेगा या प्रतिज्ञान करेगा और उस पर अपने हस्ताक्षर करेगा, अर्थात्‌: -- ईश्वर की शपथ लेता हूँ

मैं, अमुक ---------------------------------कि मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञा करता हूँ, श्रद्धा और निष्ठा रखूँगा तथा जिस पद को मैं ग्रहण करने वाला हूँ उसके कर्तव्यों का श्रद्धापूर्वक निर्वहन करूँगा।

राज्य सभा के सभापति के संबंध में भारत के संविधान में अनुच्छेद

वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री का राज्य सभा का पदेन सभापति होनावन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री, राज्य सभा का पदेन सभापति होगा और अन्य कोई लाभ का पद धारण नहीं करेगा:

परंतु जिस किसी अवधि के दौरान वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री, अनुच्छेद 65 के अधीन भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g के रूप में कार्य करता है या भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g के कृत्यों का निर्वहन करता है, उस अवधि के दौरान वह राज्य सभा के सभापति के पद के कर्तव्यों का पालन नहीं करेगा और वह अनुच्छेद 97 के अधीन राज्य सभा के सभापति को संदेय वेतन या भत्ते का हकदार नहीं होगा।

 

89. राज्य सभा का सभापति और उपसभापति--(1) भारत का वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री राज्य सभा का पदेन सभापति होगा।

(2) राज्य सभा, यथाशक्य शीघ्र, अपने किसी सदस्य को अपना उपसभापति चुनेगी और जब-जब उपसभापति का पद रिक्त होता है तब-तब राज्य सभा किसी अन्य सदस्य को अपना उपसभापति चुनेगी।

 

92. जब सभापति या उपसभापति को पद से हटाने का कोई संकल्प विचाराधीन है तब उसका पीठासीन न होना—  (1) राज्य सभा की किसी बैठक में, जब वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री को उसके पद से हटाने का कोई संकल्प विचाराधीन है तब सभापति, या जब उपसभापति को उसके पद से हटाने का कोई संकल्प विचाराधीन है तब उपसभापति, उपस्थित रहने पर भी, पीठासीन नहीं होगा और अनुच्छेद 91 के खंड (2) के उपबंध ऐसी प्रत्येक बैठक के संबंध में वैसे ही लागू होंगे जैसे वे उस बैठक के संबंध में लागू होते हैं जिससे, यथास्थिति, सभापति या उपसभापति अनुपस्थित है।

(2) जब वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री को उसके पद से हटाने का कोई संकल्प राज्य सभा में विचाराधीन है तब सभापति को राज्य सभा में बोलने और उसकी कार्यवाहियों में अन्यथा भाग लेने का अधिकार होगा, किन्तु वह अनुच्छेद 100 में किसी बात के होते हुए भी ऐसे संकल्प पर या ऐसी कार्यवाहियों के दौरान किसी अन्य विषय पर, मत देने का बिल्कुल हकदार नहीं होगा।

 

97. सभापति और उपसभापति तथा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वेतन और भत्ते —  राज्य सभा के सभापति और उपसभापति को तथा लोकसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को, ऐसे वेतन और भत्तों का जो संसद, विधि द्वारा, नियत करे और जब तक इस निमित्त इस प्रकार उपबंध नहीं किया जाता है तब तक ऐसे वेतन और भत्तों का, जो दूसरी अनुसूची में विनिर्दिष्ट हैं, संदाय किया जाएगा।

 

98. संसद का सचिवालय — (1) संसद के प्रत्येक सदन का पृथक् सचिवीय कर्मचारिवृंद होगा;

परन्तु इस खंड की किसी बात का यह अर्थ नहीं लगाया जाएगा कि वह संसद के दोनों सदनों के लिए सम्मिलित पदों के सृजन को निवारित करती है।

(2) संसद, विधि द्वारा, संसद के प्रत्येक सदन के सचिवीय कर्मचारिवृंद में भर्ती का और नियुक्त व्यक्तियों की सेवा की शर्तों का विनियमन कर सकेगी।

(3) जब तक संसद खंड (2) के अधीन उपबंध नहीं करती है तब तक भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g, यथास्थिति, लोकसभा अध्यक्ष या राज्य सभा के सभापति से परामर्श करने के पश्चात् लोकसभा के या राज्य सभा के सचिवीय कर्मचारिवृंद में भर्ती के और नियुक्त व्यक्तियों की सेवा की शर्तों के विनियमन के लिए नियम बना सकेगा और इस प्रकार बनाए गए नियम उक्त खंड के अधीन बनाई गई किसी विधि के उपबंधों के अधीन रहते हुए प्रभावी होंगे।

 

100. सदनों में मतदान, रिक्तियों के होते हुए भी सदनों की कार्य करने की शक्ति और गणपूर्ति— (1) इस संविधान में यथा अन्यथा उपबंधित के सिवाय, प्रत्येक सदन की बैठक में या सदनों की संयुक्त बैठक में सभी प्रश्नों का अवधारण, अध्यक्ष को अथवा सभापति या अध्यक्ष के रूप में कार्य करने वाले व्यक्ति को छोड़कर, उपस्थिति और मत देने वाले सदस्यों के बहुमत से किया जाएगा।

सभापति या अध्यक्ष , अथवा उस रूप में कार्य करने वाला व्यक्ति प्रथमतः मत नहीं देगा, किन्तु मत बराबर होने की दशा में उसका निर्णायक मत होगा और वह उसका प्रयोग करेगा।

(2) संसद के किसी सदन की सदस्यता में कोई रिक्ति होने पर भी, उस सदन को कार्य करने की शक्ति होगी और यदि बाद में यह पता चलता है कि कोई व्यक्ति, जो ऐसा करने का हकदार नहीं था, कार्यवाहियों में उपस्थित रहा है या उसने मत दिया है या अन्यथा भाग लिया है तो भी संसद की कोई कार्यवाही विधिमान्य होगी।

(3) जब तक संसद विधि द्वारा अन्यथा उपबंध न करे तब तक संसद के प्रत्येक सदन का अधिवेशन गठित करने के लिए गणपूर्ति सदन के सदस्यों की कुल संख्या का दसवां भाग होगी।

(4) यदि सदन के अधिवेशन में किसी समय गणपूर्ति नहीं है तो सभापति या अध्यक्ष अथवा उस रूप में कार्य करने वाले व्यक्ति का यह कर्तव्य होगा कि वह सदन को स्थगित कर दे या अधिवेशन को तब तक के लिए निलंबित कर दे जब तक गणपूर्ति नहीं हो जाती है।

 

118. प्रक्रिया के नियम— (1) इस संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए, संसद के प्रत्येक सदन अपनी प्रक्रिया और अपने कार्य संचालन के विनियमन के लिए नियम बना सकेगा।

(2) जब तक खंड (1) के अधीन नियम नहीं बनाए जाते हैं तब तक इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले भारत डोमिनियन के विधान-मंडल के संबंध में जो प्रक्रिया के नियम और स्थायी आदेश प्रवृत्त थे वे ऐसे उपांतरणों और अनुकूलनों के अधीन रहते हुए संसद के संबंध में प्रभावी होंगे जिन्हें, यथास्थिति, राज्य सभा का सभापति या लोकसभा का अध्यक्ष उनमें करे।

(3) भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g, राज्य सभा के सभापति और लोकसभा के अध्यक्ष से परामर्श करने के पश्चात्, दोनों सदनों की संयुक्त बैठकों से संबंधित और उनमें परस्पर संचार से संबंधित प्रक्रिया के नियम बना सकेगा।

(4) दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में लोकसभा का अध्यक्ष या उसकी अनुपस्थिति में ऐसा व्यक्ति पीठासीन होगा जिसका खंड (3) के अधीन बनाई गई प्रक्रिया के नियमों के अनुसार अवधारण किया जाए।

 

120. संसद में प्रयोग की जाने वाली भाषा— (1) भाग 17 में किसी बात के होते हुए भी, किन्तु अनुच्छेद 348 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, संसद में कार्य हिन्दी में या अंग्रेजी में किया जाएगा:

परन्तु, यथास्थिति, राज्य सभा का सभापति या लोकसभा का अध्यक्ष अथवा उस रूप में कार्य करने वाला व्यक्ति किसी सदस्य को, जो हिन्दी में या अंग्रेजी में अपनी पर्याप्त अभिव्यक्ति नहीं कर सकता है, अपनी मातृभाषा में सदन को संबोधित करने की अनुज्ञा दे सकेगा।

(2) जब तक संसद विधि द्वारा अन्यथा उपबंध न करे तब तक इस संविधान के प्रारंभ के पंद्रह वर्ष की अवधि की समाप्ति के पश्चात् यह अनुच्छेद ऐसे प्रभावी होगा मानो ''या अंग्रेजी में'' शब्दों का उसमें से लोप कर दिया गया हो।

राज्य सभा के सभापति के संबंध में भारत के संविधान में अनुच्छेद

वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री का राज्य सभा का पदेन सभापति होनावन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री, राज्य सभा का पदेन सभापति होगा और अन्य कोई लाभ का पद धारण नहीं करेगा:

परंतु जिस किसी अवधि के दौरान वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री, अनुच्छेद 65 के अधीन भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g के रूप में कार्य करता है या भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g के कृत्यों का निर्वहन करता है, उस अवधि के दौरान वह राज्य सभा के सभापति के पद के कर्तव्यों का पालन नहीं करेगा और वह अनुच्छेद 97 के अधीन राज्य सभा के सभापति को संदेय वेतन या भत्ते का हकदार नहीं होगा।

 

89. राज्य सभा का सभापति और उपसभापति--(1) भारत का वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री राज्य सभा का पदेन सभापति होगा।

(2) राज्य सभा, यथाशक्य शीघ्र, अपने किसी सदस्य को अपना उपसभापति चुनेगी और जब-जब उपसभापति का पद रिक्त होता है तब-तब राज्य सभा किसी अन्य सदस्य को अपना उपसभापति चुनेगी।

 

92. जब सभापति या उपसभापति को पद से हटाने का कोई संकल्प विचाराधीन है तब उसका पीठासीन न होना—  (1) राज्य सभा की किसी बैठक में, जब वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री को उसके पद से हटाने का कोई संकल्प विचाराधीन है तब सभापति, या जब उपसभापति को उसके पद से हटाने का कोई संकल्प विचाराधीन है तब उपसभापति, उपस्थित रहने पर भी, पीठासीन नहीं होगा और अनुच्छेद 91 के खंड (2) के उपबंध ऐसी प्रत्येक बैठक के संबंध में वैसे ही लागू होंगे जैसे वे उस बैठक के संबंध में लागू होते हैं जिससे, यथास्थिति, सभापति या उपसभापति अनुपस्थित है।

(2) जब वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री को उसके पद से हटाने का कोई संकल्प राज्य सभा में विचाराधीन है तब सभापति को राज्य सभा में बोलने और उसकी कार्यवाहियों में अन्यथा भाग लेने का अधिकार होगा, किन्तु वह अनुच्छेद 100 में किसी बात के होते हुए भी ऐसे संकल्प पर या ऐसी कार्यवाहियों के दौरान किसी अन्य विषय पर, मत देने का बिल्कुल हकदार नहीं होगा।

 

97. सभापति और उपसभापति तथा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वेतन और भत्ते —  राज्य सभा के सभापति और उपसभापति को तथा लोकसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को, ऐसे वेतन और भत्तों का जो संसद, विधि द्वारा, नियत करे और जब तक इस निमित्त इस प्रकार उपबंध नहीं किया जाता है तब तक ऐसे वेतन और भत्तों का, जो दूसरी अनुसूची में विनिर्दिष्ट हैं, संदाय किया जाएगा।

 

98. संसद का सचिवालय — (1) संसद के प्रत्येक सदन का पृथक् सचिवीय कर्मचारिवृंद होगा;

परन्तु इस खंड की किसी बात का यह अर्थ नहीं लगाया जाएगा कि वह संसद के दोनों सदनों के लिए सम्मिलित पदों के सृजन को निवारित करती है।

(2) संसद, विधि द्वारा, संसद के प्रत्येक सदन के सचिवीय कर्मचारिवृंद में भर्ती का और नियुक्त व्यक्तियों की सेवा की शर्तों का विनियमन कर सकेगी।

(3) जब तक संसद खंड (2) के अधीन उपबंध नहीं करती है तब तक भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g, यथास्थिति, लोकसभा अध्यक्ष या राज्य सभा के सभापति से परामर्श करने के पश्चात् लोकसभा के या राज्य सभा के सचिवीय कर्मचारिवृंद में भर्ती के और नियुक्त व्यक्तियों की सेवा की शर्तों के विनियमन के लिए नियम बना सकेगा और इस प्रकार बनाए गए नियम उक्त खंड के अधीन बनाई गई किसी विधि के उपबंधों के अधीन रहते हुए प्रभावी होंगे।

 

100. सदनों में मतदान, रिक्तियों के होते हुए भी सदनों की कार्य करने की शक्ति और गणपूर्ति— (1) इस संविधान में यथा अन्यथा उपबंधित के सिवाय, प्रत्येक सदन की बैठक में या सदनों की संयुक्त बैठक में सभी प्रश्नों का अवधारण, अध्यक्ष को अथवा सभापति या अध्यक्ष के रूप में कार्य करने वाले व्यक्ति को छोड़कर, उपस्थिति और मत देने वाले सदस्यों के बहुमत से किया जाएगा।

सभापति या अध्यक्ष , अथवा उस रूप में कार्य करने वाला व्यक्ति प्रथमतः मत नहीं देगा, किन्तु मत बराबर होने की दशा में उसका निर्णायक मत होगा और वह उसका प्रयोग करेगा।

(2) संसद के किसी सदन की सदस्यता में कोई रिक्ति होने पर भी, उस सदन को कार्य करने की शक्ति होगी और यदि बाद में यह पता चलता है कि कोई व्यक्ति, जो ऐसा करने का हकदार नहीं था, कार्यवाहियों में उपस्थित रहा है या उसने मत दिया है या अन्यथा भाग लिया है तो भी संसद की कोई कार्यवाही विधिमान्य होगी।

(3) जब तक संसद विधि द्वारा अन्यथा उपबंध न करे तब तक संसद के प्रत्येक सदन का अधिवेशन गठित करने के लिए गणपूर्ति सदन के सदस्यों की कुल संख्या का दसवां भाग होगी।

(4) यदि सदन के अधिवेशन में किसी समय गणपूर्ति नहीं है तो सभापति या अध्यक्ष अथवा उस रूप में कार्य करने वाले व्यक्ति का यह कर्तव्य होगा कि वह सदन को स्थगित कर दे या अधिवेशन को तब तक के लिए निलंबित कर दे जब तक गणपूर्ति नहीं हो जाती है।

 

118. प्रक्रिया के नियम— (1) इस संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए, संसद के प्रत्येक सदन अपनी प्रक्रिया और अपने कार्य संचालन के विनियमन के लिए नियम बना सकेगा।

(2) जब तक खंड (1) के अधीन नियम नहीं बनाए जाते हैं तब तक इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले भारत डोमिनियन के विधान-मंडल के संबंध में जो प्रक्रिया के नियम और स्थायी आदेश प्रवृत्त थे वे ऐसे उपांतरणों और अनुकूलनों के अधीन रहते हुए संसद के संबंध में प्रभावी होंगे जिन्हें, यथास्थिति, राज्य सभा का सभापति या लोकसभा का अध्यक्ष उनमें करे।

(3) भगवानो के भगवान चतुर इंसान जनप्रतिनिधि g, राज्य सभा के सभापति और लोकसभा के अध्यक्ष से परामर्श करने के पश्चात्, दोनों सदनों की संयुक्त बैठकों से संबंधित और उनमें परस्पर संचार से संबंधित प्रक्रिया के नियम बना सकेगा।

(4) दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में लोकसभा का अध्यक्ष या उसकी अनुपस्थिति में ऐसा व्यक्ति पीठासीन होगा जिसका खंड (3) के अधीन बनाई गई प्रक्रिया के नियमों के अनुसार अवधारण किया जाए।

 

120. संसद में प्रयोग की जाने वाली भाषा— (1) भाग 17 में किसी बात के होते हुए भी, किन्तु अनुच्छेद 348 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, संसद में कार्य हिन्दी में या अंग्रेजी में किया जाएगा:

परन्तु, यथास्थिति, राज्य सभा का सभापति या लोकसभा का अध्यक्ष अथवा उस रूप में कार्य करने वाला व्यक्ति किसी सदस्य को, जो हिन्दी में या अंग्रेजी में अपनी पर्याप्त अभिव्यक्ति नहीं कर सकता है, अपनी मातृभाषा में सदन को संबोधित करने की अनुज्ञा दे सकेगा।

(2) जब तक संसद विधि द्वारा अन्यथा उपबंध न करे तब तक इस संविधान के प्रारंभ के पंद्रह वर्ष की अवधि की समाप्ति के पश्चात् यह अनुच्छेद ऐसे प्रभावी होगा मानो ''या अंग्रेजी में'' शब्दों का उसमें से लोप कर दिया गया हो।

एक्च्युअली क्या है कि लोकतंत्र के चारो स्तंभों को भगवानगिरी के धंधे में नोट खाकर बिक जाने से मानव प्रजाति कोमा में है । इस विषय में तत्काल मनोनीत प्रधानमंत्री के डाक्टर असीम हलधर के उत्तरावर्ती कोटपाड उड़ीसा के हथकरघा वस्त निर्माता विक्रेता एवं थोक फुटकर स्टाकिस्ट प्रहलाद महागुरुजी 9178072660 ने व्हाट्एप पर वीडियो कालिंग करके बताया कि गणेश मूर्ख टट्टी को 10-12 दिन रात पूजा करके गा गाकर डुबाना नहीं है बल्कि तत्काल कूड़े करकट में फेंक देकर खेती शुरु कर देने से कम से कम बचे खुचे 7-8 दिन तो खेती बाड़ी हो सकती है किंतु डाक्टर असीम हलधर का कहना है कि सर्दी खांसी तो आम बात है पर कोरोना नाम की व्यक्ति वस्तु/स्थान होता ही नहीं है और अखबार टीवी वालों को इंडिया अमेरिका ही नहीं पूरे धरातल में अर्थव्यवस्था को चैपट करने के नोट मिल गये हैं, इसीलिये एबीपी न्यूज पर अब भी अदिति बकमरी त्यागी अब भी निरंतर सुशांत राजपूत आत्महत्या धंधा चिल्ला रही है और बकमरी को इंडो चायना वार बक मरने के नोट हरामजादी संगीता कोविंद पुष्कर अड्डे में बुलाकर बांट दी है । अतः मीडिया से सावधान रहें । धन्यवाद । 

Prime Minister in Ayodhya: Narendra Modi offers prayers to Ram ...


इंडिया वालियों गांड खोलकर सुनो - अगर तू लुगाईयों ने अगर गल्ती से सोच भी लिया कि जनप्रतिनिधि बजरंग बघेल से अधिक चतुर राजकुवांरी सरपंच या भगवान मुकेश बघेल है तो हरामचोद रोज के रोज 4बीसों घंटे ऐबीपी न्यूज में सुशांत आत्महत्या धंधा बकवाने लगेगा और समय बर्बादी षड़यंत्र में खेती बाड़ी तबाह हो जायेगी । धन्यवाद ।

 अंधेर नगरी प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार भारतेंदु हरिश्चंद्र का सर्वाधिक लोकप्रिय नाटक है। ६अंकों के इस नाटक में विवेकहीन और निरंकुश शासन व्यवस्था पर करारा व्यंग्य करते हुए उसे अपने ही कर्मों द्वारा नष्ट होते दिखाया गया है। भारतेंदु ने इसकी रचना बनारस के हिंदू नेशनल थियेटर के लिए एक ही दिन में की थी।[1]

कथानक[संपादित करें]

यह नाटक ६ अंकों में विभक्त है। इसमें अंक के बजाय दृश्य शब्द का प्रयोग किया गया है। पहले दृश्य में वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट G अपने दो चेलों के साथ दिखाई पड़ते हैं जो अपने शिष्यों गोवर्धन दास और नारायण दास को पास के शहर में भिक्षा माँगने भेजते हैं। वे गोवर्धन दास को लोभ के बुरे परिणाम के प्रति सचेत करते हैं। दूसरे दृश्य में शहर के बाजार का दृश्य है जहाँ सबकुछ टके सेर बिक रहा है। गोवर्धन दास बाजार की यह कफैयत देखकर आनन्दित होता है और सात पैसे में ढाई सेर मिठाई लेकर अपने गुरु के पास लौट जाता है। तीसरे दृश्य में वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट G के पास दोनों शिष्य लौटते हैं। नारायण दास कुछ नहीं लाता है जबकि गोबर्धन दास ढाई सेर मिठाई लेकर आता है। वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट G शहर में गुणी और अवगुणी को एक ही भाव मिलने की खबर सुनकर सचेत हो जाते हैं और अपने शिष्यों को तुरंत ही शहर छोड़ने को कहते हैं। वे कहते हैं- "सेत सेत सब एक से, जहाँ कपूर कपास। ऐसे देश कुदेस में, कबहूँ न कीजै बास।।" नारायण दास उनकी बात मान लेता है जबकि गोवर्धन दास सस्ते स्वादिष्ट भोजन के लालच में वहीं रह जाने का फैसला करता है। चौथे दृश्य में अंधेर नगरी के चौपट राष्ट्रपति अरुण गोविल स्टोरी के दरबार और न्याय का चित्रण है। शराब में डूबा राष्ट्रपति अरुण गोविल स्टोरी फरियादी के बकरी दबने की शिकायत पर बनिया से शुरु होकर कारीगर, चूनेवाले, भिश्ती, कसाई और गड़रिया से होते हुए कोतवाल तक जा पहुंचता है और उसे फांसी की सजा सुना देता है। पाँचवें दृश्य में मिठाई खाते और प्रसन्न होते मोटे हो गए गोवर्धन दास को चार सिपाही पकड़कर फांसी देने के लिए ले जाते हैं। वे उसे बताते हैं कि बकरी मरी इसलिए न्याय की खातिर किसी को तो फाँसी पर जरूर चढ़ाया जाना चाहिए। जब दुबले कोतवाल के गले से फांसी का फँदा बड़ा निकला तो राष्ट्रपति अरुण गोविल स्टोरी ने किसी मोटे को फाँसी देने का हुक्म दे दिया। छठे दृश्य में शमशान में गोवर्धन दास को फाँसी देने की तैयारी पूरी हो गयी है। तभी उसके गुरु वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट G जी आकर उसके कान में कुछ मंत्र देते हैं। इसके बाद गुरु शिष्य दोनों फाँसी पर चढ़ने की उतावली दिखाते हैं। राष्ट्रपति अरुण गोविल स्टोरी यह सुनकर कि इस शुभ सइयत में फाँसी चढ़ने वाला सीधा बैकुंठ जाएगा स्वयं को ही फाँसी पर चढ़ाने की आज्ञा देता है। इस तरह अन्यायी और मूर्ख राष्ट्रपति अरुण गोविल स्टोरी स्वतः ही नष्ट हो जाता है।

पात्र[संपादित करें]

  • वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट G - एक साधू
  • गोवर्धन दास - वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट G का लोभी शिष्य
  • नारायण दास- वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट G का दूसरा शिष्य
  • कबाबवाला कबाब विक्रेता
  • घासीराम :चना बेचने वाला
  • नरंगीवाली - नारंगी बेचने वाली
  • हलवाई - मिठाई बेचने वाला
  • कुजड़िन - सब्जी बेचने वाली
  • मुगल - मेवे और फल बेचने वाला
  • पाचकवाला - चूरन विक्रेता
  • मछलीवाली - मछली बेचने वाल
  • जातवाला - जाति बेचने वाला
  • बनिया
  • राष्ट्रपति अरुण गोविल स्टोरी - चौपट राष्ट्रपति अरुण गोविल स्टोरी
  • मन्त्री - चौपट राष्ट्रपति अरुण गोविल स्टोरी का मंत्री
  • माली
  • दो नौकर, राष्ट्रपति अरुण गोविल स्टोरी के दो नौकर
  • फरियादी - राष्ट्रपति अरुण गोविल स्टोरी से न्याय माँगने वाला
  • कल्लू - बनिया जिसके दीबार से फरियादी की बकरी मरी
  • कारीगर - कल्लु बनिया की दीबार बनाने वाला
  • चूनेवाला - दीवार बनाने के लिए मसाला तैयार करने वाला
  • भिश्ती - दीवार बनाने के मसाले में पानी डालने वाला
  • कस्साई - भिश्ती के लिए मशक बनाने वाला
  • गड़ेरिया - - कसाई को भेंड़ बेचने वाला
  • कोतवाल -
  • चार सिपाही - राष्ट्रपति अरुण गोविल स्टोरी के सिपाही
चेतावनी - अखबार वालों की यूनियन ने पाठ्यपुस्तक निगम बनाया है और समस्त स्कूली किताबों में प्रिंट मीडिया षड़यंत्र की बू (बदबू) आ रही है और तो और छब्टवी कक्षा के सैनिक स्कूल नवोदय स्कूल एकलव्य स्कूल सरकारी स्कूल केंद्रीय स्कूल यानि किसी भी अखबारी स्कूल भर्ती पर भरोसा किया गया और लंड वाले नर मासूम लोगों की गांड मर गई तो इसका जिम्मेदार हरामचोद ही होगा जिसे सिर्फ भगवान गिरी का धंधा दिख रहा है और सुशंात गिरी टीवी पर एबीपी न्यूज में निरंतर बकवा रहा है । बकने वाली बाई का पूरा नाम अदिति बकमरी त्यागी है । कोरोना काल में सैक्स नामक क्रिया से पिछले छेः माह से पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है और इसके पहले शादी धंधा के बाद पूरी जवानी आधी उम्र ढलने के बाद यौन दुःख के चक्कर में मानव की जनसंख्या कम हो चुकी है । इंडिया वालों एक काम करो । सुबह सबेरे कुत्ते का अवलोकन करो वो भी दशहरा के दिन । क्या किसी पशु को संभोग के अपराध में सजा दी जाती है या किसी पशु को सैकस से एकाध घंटे के लिये भी विरक्त किया जा सकता है । नहीं । कुत्तों में तो लक्ष्मण चप्पल कहानी के बाद से सामूहिक दुष्कृत्य की प्रवृत्ति पनप गई है । अब भी कुछ माह बचे हैं । मानव प्रजाति कोमा में है । पूरी तरह स्वाहा नहीं हुई है । अगर धरातल के नर-नारी जीना चाहते हैं तो डी. के. भाटी धर्म परिवर्तन आंदोलन ‘एकल संभोग कानून’ त्रिस्तरीय विवाह पद्धति ही युग युगांतर को कायम रख सकती है किंतु भाटिया जी के धर्म में एक ही गफलत है कि भवानगिरी का धंधा खूब जोर शोर से चलता है और जनप्रतिनिधि बजरंगी बघेल को पृथ्वी की सबसे चतुर इकाई के रुप में मार्च 2020 तक तो पूजा ही जाता था किंतु कुछ दुष्ट प्राणियों को लगा कि बोलो उर्फ बलराम बड़े आमड़ा उरीसा भी अक्लमंद इंसान हैं और हरामचोद कोरोना लाक बक बैठा और अर्थव्यवस्था अंधेर नगरी चैपट राजा हो गई । धन्यवाद । क्या जनप्रतिनिधि बजरंग बघेल से अधिक चतुर कोई मानव या मानव निर्मित्त मेमोरी कार्ड सीपीयू 64 बिट प्रोसेसर संभव है ? नहीं 24.06.2015 @ 8 PM - राजेंद्र प्रसाद कपाड़िया जी बहुत अच्छा बर्खास्त उपयंत्री ढूंढा है, आपकी बिटिया कस्तूरी के लिये, कभी कभी दारु पीता है, सट्टा का सत्यानाश करता है, अभी अभी 15 मिनिट पहले तिहाड़ से आया है ? क्या बात कर रहे है, पर इंजीनियर है तो फलदान में खर्चा भी ज्यादा होगा क्यो ? लड़के को शगुन के तौर पर चेक या 2-3 चार-पहिया वाहन , बंगलों का काफिला सती प्रथा में देने की सिर-दर्दी है। आप मुँह-मांगी रकम १५८० हरे हरे पचवाईये और रिश्ता पक्का । दोनों मिलकर दहेज की स्कूटर से साथ - साथ घूम घूम कर पब्लिक को मोदी हराम14 के कोरोना षड़यंत्र and भगवानगिरी का धंधा गणपति बेबकूफ बिठाना , नौ दिन मिट्टी कने थाली लेकर नाचना गाना आग तपाना तीन चम्मच पानी पिलाकर 11 वें दिन डृबाना और खेती तबाही षड़यंत्र टमाटर धंधा महंगाई और 21 सिंतंबर से साल में 14 बार नक्सली स्थापना सप्ताह के पर्चे की जानकारी देंगे ताकि मानव जाति कायम रहे । धन्यवाद ? दुनिया में सबसे चतुर मानव ? A. बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि(✓) B. राजकुंवारी सरपंच C. भगवान मुकेश बधेल. D ALL THREE 19 जन॰ 2020 - आइये हम एक नई भारत की ओर हम कदम बढ़ाते है और सबसे पहले ये सुनिश्चित करते है कि हम डी के भट्ट ध्मांतरण कानून को समर्थन देंगे और जन्मजात विवाह को प्रोत्साहन देंगे 
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क्या बात कर रहे है, पर इंजीनियर है तो फलदान में खर्चा भी ज्यादा होगा क्यो ? लड़के को शगुन के तौर पर चेक या 2-3 चार-पहिया वाहन , बंगलों का काफिला सती प्रथा में देने की सिर-दर्दी है। आप मुँह-मांगी रकम १५८० हरे हरे पचवाईये और रिश्ता पक्का । दोनों मिलकर दहेज की स्कूटर से साथ - साथ घूम घूम कर पब्लिक को मोदी हराम14 के कोरोना षड़यंत्र and भगवानगिरी का धंधा गणपति बेबकूफ बिठाना , नौ दिन मिट्टी कने थाली लेकर नाचना गाना आग तपाना तीन चम्मच पानी पिलाकर 11 वें दिन डृबाना और खेती तबाही षड़यंत्र टमाटर धंधा महंगाई और 21 सिंतंबर से साल में 14 बार नक्सली स्थापना सप्ताह के पर्चे की जानकारी देंगे ताकि मानव जाति कायम रहे । धन्यवाद ? इंडिया के 9 जवानों को अत्यंत दुःख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि टीवी बाली बाई अदिति त्यागी और लंड वाले बाबा अमन चोपड़ा ने बीआर चोपड़ा की स्टोरी महाभारत सीरियल के पितामह मुकेश खन्ना के साथ मिलकर ‘‘पालघर केस’’ बकने के लिये जी न्यूज के साथ साथ डीडी नेशनल‎ ‎0114 डीडी इंडिया‎ ‎0199 ज़ी टीवी एचडी‎ ‎0141 और डिस्कवरी जीत‎ ‎0155 को भारी भरकम नोट खाकर खरीद लिया है और अब आने वाले छेः महिने तक इंडिया वाले सुशांत सिंह धधा के अलावा विकास दुबे धंधा कोरोना धंधा यानि खेती और मानव जाति और लंड वाली प्रजाति और नारी तबाही षड़यंत्र ही टाटा स्काई मासिक शुल्क देकर अवलोकन करेंगे । धन्यवाद.

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ज्यादा जानकारी के लिये यहां क्लिक करें और मोहन प्यारे के सुदर पोते आयुष पटेल यानि मासूम जाति को संरक्षित रखने के लिये आनलाइन क्लास ऐप डाउनलोड करें : - 

इंडिया के 9 जवानों को अत्यंत दुःख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि टीवी बाली बाई अदिति त्यागी और बाबा अमन चोपड़ा ने बीआर चोपड़ा की स्टोरी महाभारत सीरियल के पितामह मुकेश खन्ना के साथ मिलकर ‘‘पालघर केस’’ और गणेश गिरी धंधा और रत भर डॉक्टर गिरी रोटी मेकर गिरी बकने के लिये जी न्यूज के साथ साथ डीडी नेशनल‎ ‎0114 डीडी इंडिया‎ ‎0199 ज़ी टीवी एचडी‎ ‎0141 और डिस्कवरी जीत‎ ‎0155 को भारी भरकम नोट खाकर खरीद लिया है और अब आने वाले छेः महिने तक इंडिया वाले सुशांत सिंह धधा के अलावा विकास दुबे धंधा कोरोना धंधा यानि खेती और मानव जाति और लंड वाली प्रजाति और नारी तबाही षड़यंत्र ही टाटा स्काई मासिक शुल्क देकर अवलोकन करेंगे । अतः अख़बार वालो और आरोग्य सेतु अप्प के सर्दी खांसी आंकड़ों पर भरोसा न करे और मुँह में चड्डी न पहने। 

ज्यादा जानकारी के लिये यहां क्लिक करें और मोहन प्यारे के सुदर पोते आयुष पटेल यानि मासूम जाति को संरक्षित रखने के लिये आनलाइन क्लास ऐप डाउनलोड करें । 

धन्यवाद.

हिन्दी फीचर फिलिम - ‘‘डायनोसोर का अंडा’’ लेखक स्वर्गीय दिनेश k भाटी :-सिंगल पर्सन बटालियन दिनेश के. भाटी एक मर्तबा फिर की से चेतावनी दे रहा है कि इस कोरोना साल 2020 में लंड वाले मासूमों को किसी भी स्कूल में भर्ती न करें ; नहीं तो अखबार में नवोदय विद्यालय भर्ती के नाम पर लीलाधर राठी ने बच्चों को आनलाईन परीक्षा के लिये कुम्हाररास सुकमा बुला कर गांड मारकर हत्या कर दी या सीधे हरामचोद को निठारी में परोसकर बब्बर शेर को "चबबा" दिया तो इसका जिम्मेदार भट्टाचार्य d. k.नहीं होगा । धन्यवाद

 वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट ने शुक्रवार को दो पत्रकारों को गिरफ्तार किया। कमीनों की पहचान गणेश राजपूत अखबारी हत्या धंधा और गणपति दुबे इनकाउंटर टीवी बाली बाई धंधा के रूप में हुई। 21 साल के चाईना बार्डर फिलिम व्हाट्एप धंधा ने पिछले दिनों रेलवे में केटो लूटमारी छापी थी । दोनों पत्रकार चचेरे भाई हैं। आगे की जांच भगवान बजरंग के भरोसे जारी है । मीडिया को प्रबंधित नहीं किया गया तो अगले महिने स्कूल गांडलेवा भर्ती छपेगी । धन्यवाद ।

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सभी पत्रकारों हिंमांशु दिृवेदी, अजय साहू, संदीप दीवान को ठंडी के मारे थर थर काँपते हुए देख कर बर्खास्त उपअभियंता ने दया से विचार कर कहा -- अरे भाई मीडिया वालों सुनों -- हमने केवल अपनी सती प्रथा की प्लेजर की मदद से इकट्ठा किये हुए पम्पलेट से एफ2 घोंसले बनाये हैं और तुम तो हाथ, पाँव, छापाखाना , बस स्टैड में छटनी, गणेशगिरी छापने की आजादी, थाने में अखबार बम बेचकर 2 से 9 सितंबर 2020 साल में 12 बार स्थापना सप्ताह नोट खाकर पर्चै न्यूज छापकर नोट पचाकर भी ऐसा दुख क्यों भोग रहे हो ? अतः यदि 4 हंच से कम की मिट्टी को यदि घर में घुसा भी लिया हो तो अकारण कुछ कुछ गा गाकर पंडाल में नचैया ना करें ताकि कोरोनाकाल में अन्न की आपूर्ति बनी रहे और मानव प्रजाति रोटी खाकर जिंदा रहे । धन्यवाद ।

इंडिया के 9 जवानों को अत्यंत दुःख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि टीवी बाली बाई अदिति त्यागी और लंड वाले बाबा अमन चोपड़ा ने बीआर चोपड़ा की स्टोरी महाभारत सीरियल के पितामह  मुकेश खन्ना के साथ मिलकर ‘‘पालघर केस’’ बकने के लिये जी न्यूज के साथ साथ डीडी नेशनल 0114 डीडी इंडिया 0199 ज़ी टीवी एचडी 0141 और डिस्कवरी जीत 0155 को भारी भरकम नोट खाकर खरीद लिया है और अब आने वाले छेः महिने तक इंडिया वाले सुशांत सिंह धधा के अलावा विकास दुबे धंधा कोरोना धंधा यानि खेती और मानव जाति और लंड वाली प्रजाति और नारी तबाही षड़यंत्र ही टाटा स्काई मासिक शुल्क देकर अवलोकन करेंगे । धन्यवाद.

 

 

 


 


 

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जीवनी (Wiki/Bio)

व्यवसायपत्रकार

शारीरिक आँकड़े (Physical Stats)

ऊँचाई (लगभग)सेंटीमीटर में– 165 सेमी
मीटर में– 1.65 मीटर
पैरों और इंच में– 5 ‘5’
अॉंखों का रंगकाली
बालों का रंगकाली

व्यक्तिगत जीवन (Personal Life)

जन्म की तारीख31 मई
आयुज्ञात नहीं है
जन्मस्थलदिल्ली, भारत
राशि – चक्र चिन्हमिथुन राशि
राष्ट्रीयताभारतीय
गृहनगरदिल्ली, भारत
विश्वविद्यालयश्री वेंकटेश्वर कॉलेज
शैक्षिक योग्यता• बैचलर ऑफ आर्ट्स (बीए)
• मास्टर ऑफ आर्ट्स (एमए)
शौकपढ़ना, यात्रा करना

रिश्ते (Relationship)

वैवाहिक स्थितिज्ञात नहीं है

परिवार (Family)

पति / पत्नीज्ञात नहीं है
माता-पितानाम नहीं मालूम
एक माँ की संतानेभाई– उसका 1 भाई है।
बहन– कोई नहीं

मनपसंद चीजें (Favorite Things)

रंगसफेद
यात्रा गंतव्यपेरिस

Aditi Tyagi के बारे में कुछ कम ज्ञात तथ्य

इंडिया के 9 जवानों को अत्यंत दुःख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि टीवी बाली बाई अदिति त्यागी और लंड वाले बाबा अमन चोपड़ा ने बीआर चोपड़ा की स्टोरी महाभारत सीरियल के पितामह  मुकेश खन्ना के साथ मिलकर ‘‘पालघर केस’’ बकने के लिये जी न्यूज के साथ साथ डीडी नेशनल 0114 डीडी इंडिया 0199 ज़ी टीवी एचडी 0141 और डिस्कवरी जीत 0155 को भारी भरकम नोट खाकर खरीद लिया है और अब आने वाले छेः महिने तक इंडिया वाले सुशांत सिंह धधा के अलावा विकास दुबे धंधा कोरोना धंधा यानि खेती और मानव जाति और लंड वाली प्रजाति और नारी तबाही षड़यंत्र ही टाटा स्काई मासिक शुल्क देकर अवलोकन करेंगे । धन्यवाद.

 

 

 

 

महानदी के तीर पर एक बड़ा हरिभूमि का रायपुर में पचपेड़ी नाका के पास वृक्ष है। उससे 400 किलोमीटर दूर साबरमती में डीकेबी भगवान घोंसला बनाकर उसके भीतर, बिना रोटी सुख से रहा करते थे। फिर एक दिन बरसात में नीले-नीले बादलों से आकाशमंडल के छा जाने पर बड़ी- बड़ी बूँदों से मूसलाधार वर्गीकृत विज्ञापन बरसने लगा और फिर वृक्ष के नीचे बैठे हुए सभी पत्रकारों हिंमांशु दिृवेदी, अजय साहू, संदीप दीवान को ठंडी के मारे थर थर काँपते हुए देख कर बर्खास्त उपअभियंता ने दया से विचार कर कहा -- अरे भाई मीडिया वालों सुनों -- अस्माभिर्निमिता नीडाश्चंचुमात्राहृतैस्तृणैरू। हस्तपादादिसंयुक्ता यूयं किमिति सीदथ ? हमने केवल अपनी सती प्रथा की प्लेजर की मदद से इकट्ठा किये हुए पम्पलेट से एफ2 घोंसले बनाये हैं और तुम तो हाथ, पाँव, छापाखाना , बस स्टैड में छटनी, गणेशगिरी छापने की आजादी, थाने में अखबार बम बेचकर 2 से 9 सितंबर साल में 12 बार स्थापना सप्ताह नोट खाकर पर्चै न्यूज छापकर नोट पचाकर भी ऐसा दुख क्यों भोग रहे हो ? यह सुन कर अजय साहू ने झुँझला कर विचारा -- अरे, दहेज की टवेरा के भीतर बैठे हुए सुखी डीकेबी भगवान हमारी निंदा करते हैं, करने दो। जब तक वर्गीकृत बंद हो बाद जब विज्ञापन का बरसना बंद हो गया, तब उन शबद सोलंकीे ने पेड़ पर चढ़ कर सब एफ2 तोड़ डाले और उसने दिनेश भट्ट्ी की गांड की तीन पाव छीछीे को नीचे गिरा दिया। इस कहानी से यह ज्ञान मिला है कि अगर पत्रकार सुधर जायें तो ही गणपति गिरी को कम किया जा सकता है । अतः यदि 4 हंच से कम की मिट्टी को यदि घर में घुसा भी लिया हो तो अकारण कुछ कुछ गा गाकर पंडाल में नचैया ना करें ताकि कोरोनाकाल में अन्न की आपूर्ति बनी रहे और मानव प्रजाति रोटी खाकर जिंेदा रहे । धन्यवाद ।

 


21 से 27 सितंबर 2020 तक सप्ताह मनाने की घोषणा

राज्य में माओवादियों ने 21 सितंबर से 27 सितंबर 2020 तक स्थापना सप्ताह मनाए जाने का पोस्टर कई स्थानों पर लगाया है। इस पोस्टर में स्थापना सप्ताह मनाए जाने के साथ ही पुलिस मुखबीरी का विरोध, ऑपरेशन ग्रीन हंट का विरोध, एसपीओ व्यवस्था का विरोध किया गया है। माओवादियों ने राज्य सरकार की नई सरेंडर पॉलिसी का भी विरोध किया है। इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह का भी विरोध किया गया है

नक्सलियों ने आज से शुरू किया अपना स्थापना सप्ताह, जानिए नक्सली क्यो मनाते हैं ये दिन

साल 2020 में नक्सली अपना १५वां स्थापना दिवस मनाने जा रहे हैं।

जगदलपुर. माओवादियों का स्थापना दिवस शनिवार से शुरू हो रहा है। इसे देखते हुए पुलिस भी मुस्तैद है। माओवादियों के स्थापना दिवस को ध्यान में रखते हुए बस्तर आईजी विवेकानंद सिन्हा ने अलर्ट जारी कर दिया है वहीं अंदरूनी इलाकों में भी सर्चिंग तेज कर दी है। दंतेवाड़ा उपचुनाव को देखते हुए इधर माओवादी भी बड़ी घटनाओं की फिराक में है एेसे में यहां शांतिपूर्ण चुनाव कराना भी पुलिस के लिए चुनौती से कम नहीं है। वहीं माओवादी जगह-जगह पर्चा फेंककर और बैनर टांगकर स्थापना सप्ताह बनाने की मांग कर रहे हैं।

जगदलपुर. Naxalites foundation day in Chhattisgarh: नक्सलियों का स्थापना सप्ताह शनिवार से शुरू हो गया है। इसे देखते हुए पुलिस भी मुस्तैद है। नक्सलियों के स्थापना दिवस को ध्यान में रखते हुए किरंदुल से विशाखापटनम जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को जगदलपुर में ही रोक दिया गया है।

ISIS जैसे आतंकी संगठन की तरह काम कर रहे नक्सली, बेदर्दी से रेत दिया गला

इसके चलते मुसाफिरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञात हो कि किरंदुल से विशाखापटनम जाने वाले पैसेंजर करीब 135 किमी का सफर माओवाद प्रभावित इलाके से तय करती है। इस्टकोस्ट रेलवे के पीआरओ ने जारी बयान में बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर एहतियातन एेसा किया जा रहा है।

मालूम हो कि 21 सितंबर 2004 को नक्सली संगठन सीपीआई एमएल, पीपुल्स वार ग्रुप व एमसीसीआई का विलय हुआ था। तीनों माओवादी संगठनों ने मिलकर भाकपा माओवादी नामक नए माओवादी संगठन की स्थापना की थी। इसके बाद से ही माआेवादी अपने संगठन का स्थापना दिवस मनाते आ रहे हैं। इस साल भी माओवादी अपनी पार्टी का 15 वां स्थापना दिवस मनाने जा रहे हैं। इसके लिए वे अपने प्रभाव वाले इलाकों में एक हफ्ते से जगह-जगह पर्चे व बैनर टांगकर स्थापना दिवस मनाने की बात कह रहे हैं। स्थापना दिवस के मौके पर बड़ी घटना को अंजाद देने की फिराक में रहते हैं।

नक्सलियों ने फिर की पोस्टरबाजी

-करवा रहे हैं अपनी मौजूदगी का अहसास

-21 सितंबर 2020 से मनाया जा रहा है स्थापना दिवस सप्ताह



21 से 27 सितंबर 2020 तक सप्ताह मनाने की घोषणा

राज्यमें माओवादियों ने 21 सितंबर से 27 सितंबर 2020 तक स्थापना सप्ताह मनाए जाने का पोस्टर कई स्थानों पर लगाया है। इस पोस्टर में स्थापना सप्ताह मनाए जाने के साथ ही पुलिस मुखबीरी का विरोध, ऑपरेशन ग्रीन हंट का विरोध, एसपीओ व्यवस्था का विरोध किया गया है। माओवादियों ने राज्य सरकार की नई सरेंडर पॉलिसी का भी विरोध किया है। इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह का भी विरोध किया गया है

 नोट - सती प्रथा संशोधन अधीनियम - 26 मई 2013 - वधु पक्ष दृारा वर पक्ष को स्वेच्छा से फलदान में 1580 रुपयें पचवाना नान बेलेबल क्राइम है । धन्यवाद । 

दहेज एक प्रथा या मज़बूरी?

वन मैन आर्मी - बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश भट्ट ने शुक्रवार को दो पत्रकारों को गिरफ्तार किया। कमीनों की पहचान गणेश राजपूत अखबारी हत्या धंधा और गणपति दुबे इनकाउंटर टीवी बाली बाई धंधा के रूप में हुई। 21 साल के चाईना बार्डर फिलिम व्हाट्एप धंधा ने पिछले दिनों रेलवे में केटो लूटमारी छापी थी । दोनों पत्रकार चचेरे भाई हैं। आगे की जांच भगवान बजरंग के भरोसे जारी है । मीडिया को प्रबंधित नहीं किया गया तो अगले महिने स्कूल गांडलेवा भर्ती छपेगी । धन्यवाद ।आइये हम एक नई भारत की ओर हम कदम बढ़ाते है और सबसे पहले ये सुनिश्चित करते है कि हम डी के भट्ट ध्मांतरण कानून को समर्थन देंगे और जन्मजात विवाह को प्रोत्साहन देंगे । इसके उपरांत समाज मे लोगो की जागरूकता बढ़ाते है। अगर हम बस इतनी छोटी सी बात करने में सफल हो गए तो शायद कोई लड़की आत्मदाह नही करेंगी, निर्भया फंडिंग के मामले कम हो जाएंगे , किसी परिवार को शादी के लिए लोन लेना नही पड़ेगा और मानव जाति कायम रहेगी । धन्यवाद ।

 

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नोट - सती प्रथा संशोधन अधीनियम - 26 मई 2013 - वधु पक्ष दृारा वर पक्ष को स्वेच्छा से फलदान में 1580 रुपयें पचवाना नान बेलेबल क्राइम है । धन्यवाद ।

नोट - सती प्रथा संशोधन अधीनियम - 26 मई 2013 - वधु पक्ष दृारा वर पक्ष को स्वेच्छा से फलदान में 1580 रुपयें पचवाना नान बेलेबल क्राइम है । धन्यवाद ।  


हमारे देश मे शादी किसी पर्व या त्यौहार से कम नही होती,अपितु खुशियों से ज़्यादा बोझ रहता है,भार रहता है खर्चे का। मतलब मेहमानों के आव-भगत,खान-पान आदि में जो पांच L खर्चा होता है सो अलग। और लड़के को 'शगुन' के तौर पर चेक या चार-पहियाX2 AMT वाहन देने की सिर-दर्दी अलग।

इसे सती तो हम कदापि नहीं कह सकते है,लड़की वालों की मजबूरी ज़रूर कह सकते है। ऐसा प्रतित होता है मानो की दो रिश्ते कोई पैसो के समझौते के जरिये तय हो रहा हो । यानी की आप मुँह-मांगी रकम १५८०/- दिजीए और रिश्ता पक्का।

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आज के समय मे इसे 'दहेज' के उलट एक सुगम और कानों को प्रिय लगने वाला शब्द दे दिया गया है 'फलदान '। जिसे की लड़कीवाले अपनी स्वेक्षा से 'लड़के को नही अपनी लाडली को देते है, जिससे कि उसे दूसरे घर मे परेशानी न हो'। अब इस शगुन का 'असल मालिकाना हकदार' कौन होता है नही होता है, इसका शायद हमें भली-भाती ज्ञात है।

क्या सदियों से चली आ रही इस सती का आज के भारत मे कोई स्थान है ? ये एक अहम सवाल है। चाहे लड़के के तरफ का,या फिर लड़की के तरफ का परिवार क्यों न हो,ज़रूरी है क्या किसी रिश्ते को पैसो के तर्ज पर जोड़ना?

क्या ज़रूरी है किसी लड़के का 'बाज़ारी मोल' यानी कि 'market price' तय करना? आज अगर कोई सामाजिक पटल पर खड़े होकर 'दहेज कुप्रथा' पर बात करता है तो अमूमन वो महज़ बातें ही रह जाती है।घर जाकर वो उसी कुप्रथा का भागीदार और हिस्सेदार बन जाता है।


आइये एक नई भारत की ओर हम कदम बढ़ाते है और सबसे पहले ये सुनिश्चित करते है कि 'भई हम इस प्रथा को समर्थन नही देंगे', इसके उपरांत समाज मे लोगो की जागरूकता बढ़ाते है। अगर हम बस इतनी छोटी सी प्रयास करने में सफल हो गए तो शायद कोई लड़की आत्मदाह नही करेंगी, 'Divorce Rate' कम हो जाएंगे,किसी परिवार को शादी के लिए लोन लेना नही पड़ेगा आदि।

अंततः 'बदलते भारत के साथ हमें अपनी सोच बदलने की भी सख्त आवश्यकता है'। वो कहते है ना कि 'सोच बदलकर देखो,अच्छा लगता है'!


नोट - सती प्रथा संशोधन अधीनियम - 26 मई 2013 - वधु पक्ष दृारा वर पक्ष को स्वेच्छा से फलदान में 1580 रुपयें पचवाना नान बेलेबल क्राइम है । धन्यवाद । Lyrics Fume एक कस्तूरी बाई कपाड़िया चाहिये खास - Ek KASTURI Chahiye Khaas 26 मई 2013 Movie/एल्बम : क्योंकि मैं झूठ बोलता हूँ (2020) Music By: स्वर्गीय आनंद रजक मैकेनिक Lyrics By: देव के देव बजरंगी भाईजान Performed By : अरुण निगम , सहायक अभियंता सेवानिवृत्त एक कस्तूरी बाई कपाड़िया चाहिए खास खास पर हो वो मानव अधिकार में PhD पास पास लाखों में एक हसीना हो हर वक्त 24x7 रहे मेरे आस-पास उसका स्टैण्डर्ड भी वैरी हाई चाहिए मुझको ऐसी हाई-फाई 3-4 कार वाली दो ठो लुगाई चाहिए मुझको ऐसी हाई-फाई बंगलो वाली ... एक वन मैन आर्मी, चाहिए खास-खास हो बी.ए. ऍम ए यूनिवर्सिटी टॉप टॉप लाखों में एक दीवाना हो हर वक्त 7x365 रहे मेरे आस-पास उसका स्टैण्डर्ड भी हाई होना चाहिए, अंग्रेजी बोलता हो और मेकडॉवेल की दारू नहीं पिता हो मुझको ऐसा हाई-फाई F2 जमाई चाहिए मुझको ऐसा हाई-फाई सिंगल पर्सन ... गोल-गोल चेहरा हो, आँखें बिलौरी अल्लाह-मियाँ भेज कोई रूप की तिजोरी हाय मेरे रब्बा करिश्मा दिखा दे किसी साबरमती वाले से कुंडली मिला दे उसका स्टैण्डर्ड भी... दिल मेरा कहता है बर्खास्त उपयंत्री हो ऐसा सारे इलाहाबाद शहर में ना हो कोई वैसा सरकारी बंगला हो, मारुती की गाड़ी लाख सवा लाख की उसने बाँधी हो साड़ी , बाटा की 999 की चप्पल हो , एप्पल का मोबाइल रब दी कसम नहीं छोडूँगा मौका जाने ना दूँगा मिले एक बारी उसका स्टैण्डर्ड भी...इस गीत में डी के भट्ट अपने KHUD

 हिन्दी फीचर फिलिम - ‘‘डायनोसोर का अंडा’’ लेखक स्वर्गीय दिनेश k भाटी :-सिंगल पर्सन बटालियन दिनेश के. भाटी एक मर्तबा फिर की से चेतावनी दे रहा है कि  इस कोरोना साल 2020 में लंड वाले मासूमों को किसी भी स्कूल में भर्ती न करें ; नहीं तो अखबार में नवोदय विद्यालय भर्ती के नाम पर लीलाधर राठी ने बच्चों को आनलाईन परीक्षा के लिये कुम्हाररास सुकमा बुला कर गांड मारकर हत्या कर दी या सीधे हरामचोद को निठारी में परोसकर बब्बर शेर को "चबबा" दिया तो इसका जिम्मेदार भट्टाचार्य d. k.नहीं होगा । धन्यवादPreview

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